प्याज के फायदे | onion Ke Phaide in Hindi

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प्याज के फायदे

क्या आप जानते हैं प्याज़ का संस्कृत नाम पलाण्डुः है। सपनों की नगरी मुम्बई या फिर पूरे महाराष्ट्र में इसे कांदा कहा जाता है। ऐसा कहा जा सकता है कि प्याज कंद होने के कारण कांदा शब्द का चयन किया गया होगा।

प्याज़ एक वनस्पति सब्ज़ी है जिसके पत्तों के साथ कंद का भी सेवन किया जाता है। 

वर्तमान आधुनिक समय पे प्याज़ के बिना भोजन पकाना शायद एक कठिन कार्य प्रतीत होता है। साधरणतः हम मनुष्यों का भोजन को दो श्रेणी में बांटा गया है जिसमे, पहला है निरामिष (वेजेटेरियन) और दूसरा है सामिष (नॉन-वेजेटेरियन)। सामिष भोजन व्यंजन पकाने के लिए प्याज़ का होना अनिवार्य हैं। निरामिष भोजन पकाने वक्त कुछ व्यंजनों में प्याज से परहेज़ किया जा सकता है।

भारत की संस्कृति में प्याज को तामसिक भोजन सामग्री की श्रेणी में रखा गया है। इस सब्ज़ी को भारत में कुछ सम्प्रदाय धार्मिक निष्ठा के कारण सेवन से परहेज़ करतें हैं। पूजा, व्रत, धार्मिक अनुष्ठान आदि में इस सब्ज़ी का उपयोग सम्पूर्ण वर्जनीय है।

फिर भी प्याज़ एक अति प्रिय कंद सब्ज़ी है जिसे पूरी दुनिया में एक अलग लोकप्रियता प्राप्त है। 

प्याज़ के पकौड़े, सलाद, सब्ज़ी, रसा / ग्रेवी, चटनी, अचार इत्यादि तैयार किया जाता है।

आइए जानते हैं प्याज़ से जुड़ी कुछ खास बातें,

  • प्याज़ की पत्तें स्प्रिंग अनियन (Spring Onion) की नाम से मशहूर है। खास करके चीनी व्यंजन पकाने के लिए इसका भरपूर इस्तेमाल किया जाता है।
  • प्याज़ ज़मीन के नीचे होने वाली एक जड़ वाली सब्ज़ी है। प्याज़ में लगभग 89% पानी और 9% कार्बोहायड्रेटस है।
  • भारत में प्याज की खेती अच्छी मात्रा में होती है। महाराष्ट्र राज्य में प्याज की पैदावार सबसे अधिक होती है। नाशिक स्थान को प्याज़ की फसल के कारण प्रसिद्धि प्राप्त है। पूरे विश्व में प्याज़ की की खेती चीन में सबसे अधिक होती है। प्याज़ के उत्पादन में भारत दूसरे स्थान पे हैं। 
  • प्याज़ ही एक ऐसी कंद सब्ज़ी है जिसमे सुखी छिलका जैसी परत पाई जाती है।
  • कुछ अध्यन से पता चलता है कि प्याज की खेती लगभग सात हजार साल पूर्व से चली आ रही है।
  • प्याज़ को काटते समय आंखों में जो जलन पैदा होती है उसका कारण है प्याज़ में बसा एक जैविक वाष्पशील रासायनिक पदार्थ। उस पदार्थ का नाम है एलाइल प्रोपईल डाय सल्फाइड।
  • प्याज़ में आयरन, विटामिन सी, कैल्शियम, फ़ास्फ़रोस की मात्रा अधिक होती है।
  • मुँह के छाले को कच्चा प्याज़ के सेवन से कम किया जा सकता है।
  • गर्मी के मौसम में कच्चा प्याज का सेवन से पेट और शरीर को शीतलता प्राप्त होती है।
  • शरीर में बसा खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक है।
  • शरीर की त्वचा पे कभी जलन हो तो प्याज़ की रस का लेप लगाने से आराम मिलता है। कुछ हद तक चमड़े से दाग को निकालने में भी सहायक है।
  • डायबिटीज से पीड़ित व्यक्तियों के लिए प्याज़ का सेवन करना फायदेमंद होता है। पर हमेशा उन्हें अपने चिकित्सक से सलाह परामर्श लेना चाहिए।
  • प्याज़ में विटामिन सी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। इसके कारण इसके सेवन से शरीर में बीमारी प्रतिरोध क्षमता में वृद्धि होती है। सर्दी जुक़ाम से छुटकारा देने में सहायक है।
  • प्याज़ की छिलके से भूरा-संतरा रंग बनाया जाता है।
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